होलिका दहन का शुभ मुहूर्त

होलिकादहन पूर्ण चन्द्रमा के दिन ही मनाई जाती है, इस दिन सायंकाल को होली जलाई जाती है, एक माह पूर्व अर्थात माघ पूर्णिमा को “इरंड” या गूलर वृक्ष की टहनी को किसी खुल्ले स्थान पर गड दिया जाता है, और उस पर लकड़ियाँ,सूखे उपले, खर-पतवार आदि चारों और से एकत्र किया जाता है और फाल्गुन पूर्णिमा की रत या सायंकाल इसे जलाया जाता है, परंपरा के अनुसार सभी लोग अलाव के चरों और एकत्रित होते हैं, इसी अलाव को होली कहा जाता है, होली की अग्नि में सूखी पत्तियां, टहनियां, सूखी लकड़ियाँ डाली जाती हैं, तथा लोग ईसिस अग्नि के चरों और नृत्य व संगीत का आनंद लेते हैं. बस्न्तागमन के लोकप्रिय गीत भक्त प्रह्लाद की रक्षा की स्मृति में गए जाते हैं तथा उसकी क्रूर बुआ होलिका की भी याद दिलाते हैं.

holika dahan shubh muhurat

होलिका दहन का शुभ मुहूर्त

इस वर्ष होलिकादहन का शुभ मुहूर्त निकला है|
12th मार्च 2017
दिन रविवार
होलिकादहन करने का मुहूर्त 18:30 से 20:23

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