सोयाबीन है हेल्थ का खजाना

क्यू खाने चाहिय सोयाबीन हेल्थ का खजाना है सोयाबीन

सोयाबीन भारत तथा एसियाई देशो सहित कई देशों में पाया जाता है। ये एक ऐसा फूड है जिसे लेकर जानकार दो दलों में बंटे हुए हैं। कई अध्‍ययनों में इसे हेल्‍थ के लिए अच्‍छा बताया गया है तो कई में बुरा। कई अध्‍ययनों में पाया गया है कि सोयाबीन में एस्‍ट्रोजन की तरह गुण होते हैं, जिसकी वजह से इसे खाने से बचना चाहिए। डॉक्‍टर कहतें हैं कि ये धारणा सही नहीं है। इसे कम मात्रा में खाना चाहिए ताकि आराम से पचाया जा सके। इसमें भारी मात्रा में एन्टीऑक्सिडन्ट होता है जिसे आइसोफ्लेवंस भी कहा जाता है। सोया आइसोफ्लेवंस ही फाइटोएस्‍ट्रोजन प्‍लांट से पैदा होने वाला एस्‍ट्रोजन है और इसकी सरंचना भी मानव के एस्‍ट्रोजन की तरह होती है। ये फाइटोएस्‍ट्रोजन मानव की बॉडी में एस्‍ट्रोजन की गतिविधि में परिवर्तन करते हैं। हालांकि पुरुषों में भी नेचुरल तौर पर फाइटोएस्‍ट्रोजन और एस्‍ट्रोजन होते हैं।सोया में क‍ई पोषक तत्‍व होते हैं। यह प्रोटीन का उच्‍च स्रोत तो होता ही है साथ ही फाइबर और कैल्शियम भी इसमें पर्याप्‍त मात्रा में पाये जाते हैं। सोया खाने में भी स्‍वादिष्‍ट होता है और विशेषकर बच्‍चों को यह काफी पसंद आता है।

सोयाबीन खाने के लाभ 

1. सोयाबीन में उपस्थित प्रोटीन व आहरिक रेशे पाये जाने के कारण इससे रक्त में ग्लूकोज की मात्रा कम होती है जिससे ख़ून की कमी होने से रोकता है तथा सोयाबीन में आयरन की मात्रा अधिक होने के कारण यह एनीमिया को भी नियन्त्रित करता है।

2. उबले हुए सोयाबीन और टोफू कैल्शियम के अच्छे स्त्रोत हैं, लेकिन सोया मिल्क से प्राप्त होने वाली कैल्शियम की मात्रा उस ब्रांड पर निर्भर करती है जो आप खरीदती हैं। जैसा कि आप जानती ही हैं कि सोया एक सर्वोत्तम उपयोगी आहार है, लेकिन हम सभी इसके इस्तेमाल के बेहतर तरीकों से भी पर्याप्त लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

3. सोयाबीन में 52 प्रतिशत प्रोटीन तथा 19.5 प्रतिशत वसा होता है। इसके अलावा इसमें आयरन और फॉस्फोरस आदि खनिज तत्व भी पाये जाते हैं। सोयाबीन से दूध, दही, मक्खन, पनीर, तेल और घी आदि सभी तैयार किये जा सकते हैं।

4. सोयाबीन दिल के स्वास्थ्य का पोषक है। रोजाना 25 ग्राम सोया प्रोटीन को खाने से लाभ होता है। खोजों में यह पाया गया है कि सोयाबीन रक्तवसा को घटाता है और सीएचडी के वृद्धि के खतरे को बढ़ने नहीं देता। जो लोग रोजाना औसतन 47 ग्राम सोया प्रोटीन खाते हैं, उनकी पूर्ण रक्तवसा में 9 प्रतिशत कमी होती है।

5. सोयाबीन का आटा खायें सोया आटा फायटोस्ट्रोजेन नामक हार्मोन और विटामिन बी से भरपूर होता है। इसका सेवन दिमाग के साथ ही याददाश्‍त के लिए भी फायदेमंद रहता है। लॉफबोरो यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने अपने अध्ययन में पाया कि सोया से बना आटा डिमेंशिया जैसे रोगों से बचाव में मदद करता है और दिमाग की सेहत दुरुस्त रखता है।

6. सोयाबीन पुरुषों में हृदय रोग और प्रोस्टेट कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की रोकथाम करता है। हालांकि पुरुष इसे कितनी मात्रा में ले सकते हैं, इसका कोई तय पैमाना नहीं है लेकिन दिन में एक से दो बार सेवन करना ही सेफ समझा जाता है।

7. दिमाग की कमजोरी, तनाव और चिड़चिड़ापन होने पर सोयाबीन लाभकारी होती है जो याददाश्त बढ़ाने का भी काम करती है। सोयाबीन में ब्लड साफ करने का गुण होता है जो त्वचा रोगों को दूर करती है। यह बढ़े हुए यूरिक एसिड को भी कम करने का काम करती है। सोयाबीन में कैल्शियम व लोहा प्रचुर मात्रा में पाया जाता है।

8. सोयाबीन में मौजूद विटामिन ई मृत त्वचा की कोशिकाओं को फिर से बनता है। जिससे त्वचा फिर से जवां और खूबसूरत दिखने लगाती है।

9. सोयाबीन दिल के स्वास्थ्य का पोषक है। रोजाना 25 ग्राम सोया प्रोटीन को खाने से लाभ होता है। खोजों में यह पाया गया है कि सोयाबीन रक्तवसा को घटाता है और सीएचडी के वृद्धि के खतरे को बढ़ने नहीं देता। जो लोग रोजाना औसतन 47 ग्राम सोया प्रोटीन खाते हैं, उनकी पूर्ण रक्तवसा में 9 प्रतिशत कमी होती है।

10. सोयाबीन गंजापन और बालों का झड़ना रोकता है। आप बालों में लगाने के लिए सोयाबीन के तेल का इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे बालों की ग्रोथ होती है, सोयाबीन से आपके बालों में चमक आएगी क्योंकि इसे खाने से आपके बाल मजबूत और सॉफ्ट हो जाएंगे। साथी यह दो मुँहे बालों हटा कर बालों को रेशमी, मुलायम और चमकदार बनाता है।

11. सोयाबीन वास्तव में जवानी का बीज है। लंबे समय तक सोयाबीन खाने वाले लोग जल्द बूढ़े नहीं होते। यह एक बेस्ट एंटी एजिंग फूड है। सोयाबीन में प्रोटीन 43 पर्सेंट रहता है। सोया स्नायुओं को शांत रखता है। सोया दूध में लैक्टोज बिल्कुल नहीं होता, इस कारण से बच्चों और डायबिटीज के मरीजों के लिए सोया दूध को वरदान कहा जाता है।

आप सोयाबीन का सेवन अलग अलग तरीके से कर सकते है

सोयाबीन की नमकीन

साफ़ सोयाबीन को नमक के घोल में 20 मिनट तक उबालें तथा बाद में नमक के घोल से निकालकर 5 मिनट के लिये पंखे के नीचे फ़ैला दें तथा फ़िर गरम तेल में तल लें और फ़िर चाट मसाला स्वाद अनुसार मिला लें सोया नमकीन तैयार है।

सोयाबीन की बडी

सोयाबीन 100 ग्राम, मूंग दाल 100 ग्राम, चना दाल 100 ग्राम, उडद दाल 100 ग्राम तथा कुम्हडा पिसा हुआ 500 ग्राम हरी मिर्च, अदरक, हींग स्वाद अनुसार। सभी दालों को 8-10 घंटे के लिये पानी में भिगो दें उसके बाद अच्छी तरह साफ़ पानी से धो लें तथा इसमें सोयाबीन को छिलके निकालकर धोयें। इसके बाद में सभी दालों को पीस कर उसमें किसा हुआ कुम्हडा व मसाले मिलायें तथा इसकी बडी बनाकर धूप में सुखा लें व हवा बंद डिब्बे में रखें एवं आवश्यकतानुसार उपयोग करें।

सोयाबीन के पापड

घरों में पापड सामान्यत उडद या मूंग की दाल से बनाये जाते है। पापड के लिये भी वसा रहित सोयाबीन के आटे को तैयार कर अन्य दालों के आटे के साथ मिलाकर पापड बनाने में उपयोग कर सकते हैं शोध द्वारा यह ज्ञात हो चुका है कि वसा रहित सोयाबीन का आटा पापड बनाने के लिये 80 % तक प्रयोग में लाया जा सकता है।

सोयाबीन की छाछ

सोयाबीन को दही में उचित मात्रा में पानी मिलाकर अच्छी तरह मिलाने से छाछ बन जाती है और मक्खन भी निकलता है।

सोयाबीन का दही बड़ा

सामग्री : 100 ग्राम सोयाबीन, 50 ग्राम उड़द की धुली दाल, घी-तेल तलने के लिये, सोंठ पिसी-चौथाई छोटी चम्मच, 500 ग्राम दही, भुना जीरा, लाल मिर्च, काला नमक, सफेद नमक स्वादानुसार।

विधि : सोयाबीन व उड़द की दाल को अलग-अलग रातभर भिगोयें। सोयाबीन के छिलके अलग कर दोनों को मिलाकर पेस्ट बना लें। इसमें सोंठ भी मिलायें फिर इसे खूब अच्छी तरह मिलाकर फेट लें और बड़े बना कर तल लें। थोड़े गुनगुने पानी में नमक मिलाकर तले हुए बड़ों को 2 मिनट पानी में रखकर, निकालकर, दबाकर पानी अलग कर बड़ों को दही में डाल दें। ऊपर से मसाला डालकर परोसें।

स्वाद के लियें : इस बने हुए पेस्ट में सभी मसालें, हरी मिर्च, हरा धनिया आदि डालकर बड़े बनाकर चटनी या सॉस के साथ परोंसें।

अंकुरित सोयाबीन का नाश्ता

सोयाबीन 2 भाग तथा 1 भाग चना तथा 1 भाग मूंग को पानी में भिगोकर रात भर रखना चाहिये तथा इसके लिये तीनों दालों को अलग अलग कपडे में बांध कर 6-8 घंटे भिगोकर रखें तथा जब अंकुरण ह जाये तो साफ़ पानी से धोकर अंकुरित सोया दालों को हल्की भाप में पका लेना चाहिये। तथा बाद में तीनों को मिलाकर हरा धनिया, प्याज, टमाटर, मिर्च तथा नमक व नींबू स्वाद अनुसार मिलाकर नाश्ते में उपयोग किया जा सकता है।

सोयाबीन के उपयोग में सावधानी

सोयाबीन में कुछ ऐसे तत्व पाये जाते हैं जो कि सामान्य पोषण के पाचन में बाधा डाल सकते हैं इसलिये इन तत्वों के बुरे प्रभाव को दूर करने के लिये हमें सोयाबीन के बने खाद्य पदार्थों को या उन्हे बनाने से पहले सोयाबीन को कम से कम 15 मिनट के लिये 100 डिग्री सेंटीग्रेड तापमान पर गरम कर लेना चाहिये एवं कभी भी कच्चे सोयाबीन का सेवन नहीं करना चाहिये।

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