क्यों बंद है विक्क्स Vicks नाम की दवा विदेशो मे?

VICKS नाम की दवा का पूरा सच

भारत मे एक विदेशी कंपनी हैं procter and gamble ( P&G ) ! जो भारत मे vicks vaporub नाम की एक दवा बेचती है ! क्या आप जानते हैं VICKS नाम की दावा अमेरिका में बनाना और बेचना दोनों जुर्म है, WHO (world health organisation ) ने खुद इसे जहर घोषित किया है !

अमेरीका मे क्यों कोई डॉक्टर किसी भी मरीज को VICKS की दवा नहीं देता

राजीव दिक्सित जी ने भारत सरकार से भी इस बारे मे बात की थी की जब ये VICKS की दवा आमेरीका, कनाडा,उरोप जैसे देशो मे बंद हो चुकी है और विश्व सवास्थिक संगठीत ने उसे बंद करने का आदेश दे रखा है तो आप उस दवा को भारत मे क्यों बंद नहीं करवाते हो? तो उनका इस बात पर कोई जवाब नहीं होता है और होता भी है तो बहुत गोलमोल जवाब देती है पर इसका जो सच है वो ये है की जो ये दवा बनाने और बेचने वाली कंपनी है वो हमारे देश के मंत्रियों को बहोत बड़े पैमाने पर रिश्वत देती है|

विदेशी कंपनियाँ भारत के नेताओ को इतना पैसा देकर विदेश से यहाँ भारत आकर एसी दवा बनाने और बेचने का लाइसेंस भारत सरकार से ले लेती है जो दवा उसे अमीरीका मे बनाने और बेचने का लाइसेंस उसे वहां कभी नहीं मिलता सकता है अमीरीका मे यह दवा बनाना और बेचना दोनों ही जुर्म है, अमेरिका मे अगर किसी डॉक्टर ने किसी को VICKS vaporub की दवा (prescription) लिख के दे तो उस डॉक्टर को 14 साल की जेल हो जाती है, और उसकी डिग्री भी छीन ली जाती है

VICKS के नुकसान

Vicks जो आप आपने सरदर्द मे जुखाम मे और आपने बच्चो को भी लगते है यह एक तरहा का जहर है, ये आपको और आप के बच्चों को दमा, अस्थमा, ब्रोंकिअल अस्थमा कर सकता है | इसीलिए दुनिया भर में WHO और वैज्ञानिको ने इसे जहर घोषित किया | और ये जहर भारत में सबसे ज्यादा बिकता है वो भी विज्ञापनो की मदद से |

 किसी भी दवा का विज्ञापन के जरीये भारत मे नहीं बेच सकते

क्या आप जानते हैं ? भारत मे एक कानून है ? उस कानून के अनुसार किसी भी दवा का विज्ञापन टीवी,अखबार, या किसी भी मैगजीन पे नही दिया जा सकता ! लेकिन इसके बावजूद भी पैसे के ताकत से, घूसख़ोरी से ये सब होता है ! और द्वाईयों के विज्ञापन लगातार टीवी, अखबारों आदि मे दिखाये जाते हैं !

Vicks Vaporub नाम की दवा कितनी महंगी पड़ती है आपको

25 ग्राम 40 रूपये की है
तो 50 ग्राम 80 रूपये की
तो 100 ग्राम 160 रूपये की

मतलब 1 किलो vicks की 1600 रूपये की हुई ! 1600 रूपये किलो की Vicks हम सर्दी खांसी होने पर आपनी नाक, गले पर खुद जहर खरीद कर आपने को खुद लगा रहे हैं और अपने बच्चों को लगा रहे हैं ! जिससे आपको दमा, अस्थमा, ब्रोंकिअल अस्थमा TB हो सकता है ! पर हम 400 रुपए किलो के बदाम, 200 रुपए के काजू नहीं खरीद कर खा सकते है|

सर्दी खांसी की आयुर्वेद मे बहुत अच्छी दवा है

सर्दी खांसी की आयुर्वेद मे बहुत अच्छी दवा है उसका नाम है ! दालचीनी (ध्यान रहे ये दालचीनी आम घरो मे होने वाली आम दाल और चीनी नहीं है ) ज्यादा न पता हो तो google पर “दालचीनी” लिख photo देख लें ! इस दालचीनी को पीस ले और एक चम्मच शहद के ऊपर कुछ चुटकी डाले और सीधा निगल जाएँ बहुत ही ज्यादा लाभकारी हैं ! अगर किसी को गले मे ज्यादा दर्द हो या tonsils की समस्या हो ! तो आप एक चुटकी शुद्ध हल्दी बिलकुल गले मे घंटी की पास रखे ! मात्र 3 दिन करने से आपको बहुत अधिक लाभ होगा !

आज तक RTI ने Vicks के खिलाफ जवाब नहीं दिया

इस vicks नाम के जहर को घर से बाहर फेंके और RTI माध्यम से सरकार से सवाल करे की अगर ये अगर अमेरिका मे ban है तो भारत मे क्यूँ बिक रही है !! एक भाई ने 28 जनवरी 2013 को RTI की website पर सवाल भी पूछा था लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं दिया गया !!
vicks पेट्रोलियम जेल्ली से बनता है जिसकी कीमत 60 -70 रुपिया किलो है और विक्स की बिक्री में procter and gamble कंपनी को 20000 % से जादा का मुनाफा है | ये मुनाफा आप की जेब से लूटा जा रहा है और सरकार इस घोटाले में शामिल है | सरकार ने लाइसेन्स दे रखी है, आँखे बंद कर रखी है और कंपनी देश को लूटा जा रहा है |

ज्यादा जानकारी के लिए यहाँ से पता करें :

Leave a Reply